चर्च के फादर ने किया ऐसा काम , हो गयी मानवता शर्मसार - Man Ki Baat अभिव्यक्ति की आजादी

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Sunday, 26 May 2019

चर्च के फादर ने किया ऐसा काम , हो गयी मानवता शर्मसार



झारखण्ड प्रदेश में किस तरह से इसाई मिशनरीयों को बढ़ावा मिलता है इसकी बानगी है क्षेत्र की घटित घटनाएँ चाहे मामला धर्म परिवर्तन का हो, मानव तस्करी का हो या फिर यौन शोषण का हो इन मामलों पर सेकुलर गैंगछद्म पत्रकार, असहिष्णु तथा इस देश को कोसने वाले कई राजनीतिक दल भीखामोश नजर आते रहे हैं।
       झारखंड की राजधानी रांची से सटे खूंटी जिले के कोचांग गांव मेंपिछले साल 19 जून 2018  को घटी मानवता को शर्मसार करने वालीएक घटना ने पूरे देश को हिला के रख दिया जहां गैर सरकारी संगठन कीपांच महिला कार्यकर्ताओं का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया गयाजिनका दोष सिर्फ इतना था की उन्होंने उस गांव के एक मिशन स्कूल मेंजाकर मानव तस्करी के खिलाफ  जागरूकता फैलाने का काम  एकनुक्कड़ नाटक के जरिए  किया 
      इस घटना में अहम           बात  यह थी की इस दुष्कर्म के मामले के मुख्यआरोपी फादर अल्फांसो आइंद  रहे  उनका साथ देने के लिए पिछले सालही पत्थलगड़ी के समर्थक और उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के कुछलोग भी शामिल रहे।
क्या थी घटना ?  
        बताते चलें कि मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता फैलाने काकाम नुक्कड़ नाटक के जरिए 5 लड़कियों के द्वारा कराए जा रहे थे  जबइन लड़कियों का अपहरण हुआ तब वह कोचांग इलाके के स्टॉपमनमेमोरियल मिडिल स्कूल में 300 बच्चों के सामने नुक्कड़ नाटक काआयोजन कर रहे थे जबकि उसी विद्यालय के सचिव फादर अल्फांसोआइंद थे। उसी दौरान दो बाइक पर सवार 5 लोग वहां पहुंचकर अपनीबंदूक की नोक पर  पांचों लड़कियों को उन्ही की गाड़ी में बैठने को कहा।उसी स्थान पर दो सिस्टर भी खड़ी थी जिन्हें इसलिए छोड़ दिया गयाक्योंकि पीडिता के अनुसार फादर अल्फांसो ने आदेश दिया था कि यहदोनों नन हैं इन्हें छोड़ दिया जाए  उन पांच अपहृत को बदमाशों ने कब्जेमें लिया और उनकी ही गाड़ी से अगवा कर 10 किलोमीटर दूर लोबोदाजंगल की ओर ले गए। जंगल में लड़कियों के साथ दुष्कर्म किया गया।आपको बताते चलें कि जहां उक्त घटनाएं घटी वह घटना पत्थलगड़ीइलाके के अंतर्गत आता है।

इस संबंध में दर्ज प्राथमिकी पर गौर करें तोजिन खौफनाक हालात से पीड़िताएं गुजरीं वहरोंगटे खड़ा करने वाला है नुक्कड़ नाटक मेंशामिल पुरुष सदस्यों को पेशाब पीने तक केलिए मजबूर किया गयाजबकि युवतियों सेबेहद ही अमानवीय सलूक किया गया उनकीतस्वीरें उतारी जाती रही तथा वीडियो भीबनाया गया
हैवानियत का यह गंदा खेल यहीं समाप्त नहीं होता जब सभी पीड़ितमहिलाओं को वापस जंगल से लाकर स्कूल छोड़ा गया और उन महिलाओंने फादर को सारी घटना के बारे में बताया तो फादर ने उन लोगों को इनघटनाओं पर मौन साधने की सलाह दी।
            इस बाबत खूंटी के एसपी अश्विनी सिन्हा ने बताया था कीआरोपी स्कूल से सिस्टर्स को ले जा रहे थे  तब फादर ने उन्हें कहा कि येसिस्टर हैंइन्हें  ले जाएं। परंतु फादर ने लडकियों को नहीं बचाया। फादरअल्फांसो आईंद पर दुष्कर्मियों को लडकियों को साथ ले जाने से  रोकपाने और पुलिस को सूचना नहीं देने का मामला दर्ज किया गया 
            पुलिस ने घटना के एक महीने बाद ही पत्थलगढ़ी का नेता औरदुष्कर्म का मास्टरमाइंड जुनस तुडू को बलराम समद के साथ चक्रधरपुररेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया था। सामुहिक बलात्कार के इसमामले में पुलिस ने पीएलएफआई सदस्य और मुख्य आरोपी फादरअल्फांसो आइंदपीएलएफआई एरिया कमांडर बाजी समद उर्फ टकला,जुनास मुंडूअजूब सांडी पूर्ति और आशीष लोंगा को पहले ही गिरफ्तारकर लिया था  पुलिस के कब्जे में बदमाशों ने इस बात का खुलासा कियाकी  जुनस ने ही पीएलएफआई उग्रवादी संगठन के नक्सलियों कोसामुहिक बलात्कार के लिए उकसाया था। इनमें से आरोपी बलराम समदने भी कबूल लिया कि उसने और अन्य लोगों ने जुनस के कहने परमहिलाओं के साथ सामुहिक बलात्कार किया था।
रेप कांड के अंतर्गत अभियोजन पक्ष से प्रभारी लोक अभियोजक सुशील जायसवाल ने दलीलें दी कोर्ट ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों पर गौर करने के उपरांत सबको कसूरवार साबित करार दिया फादर अल्फोंस आइंद जो जमानत पर थे  उनका जमानत रद्द करते हुए खूंटी के जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश कुमार की अदालत ने 7 मई 2019 (मंगलवारको दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया। फादर अल्फोंस को कोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म के षड़यंत्रकर्ता के रूप में दोषी करार दिया हैइसी मामले में कोर्ट ने जोन जुनास तिडूबलराम समदअयूब सांडी पूर्तिबांदू समद उर्फ टकला और जुनास मुंडा को भी दोषी करार दिया है  
            उक्त बातों से ये तो समझ सकते हैं की चर्चपादरीउग्रवादीसंगठनमिडिया और राजनातिक दलों की सांठ गाँठ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता  जब इस घटना का पटाक्षेप हुआ तो उस वक़्त पुरे देशसे कई तरह की आवाजें आने लगी और यह भी बताने का पूरा प्रयासकिया गया की चर्च और फादर को इस घटना में किसी षड़यंत्र की तहत सेफंसाया जा रहा है मगर उसी स्थान पर उन 5 महिला पीड़ितों के बारे मेंकिसी ने आवाज़ उठाना मुनासिब नहीं समझा 
             किसी भी घटनाओं पर समाज को दो हिस्सों में बांटने कीकोशिश क्यों की जाती है अगर इस तरह की घटना का आरोप मात्र भीकिसी आश्रम या किसी संत पर लगाया जाए तो पुरे देश में हाहाकार मचादिया जाता वही अगर इस तरह की घटना किसी इसाई मिशनरी संस्था मेंघटे और उस पर कार्यवाही की जाए तो सरकार की मंशा पर ही सवालउठने लग जाते हैं। इस तरह का दोहरा चरित्र अपनाने वाले लोगों को कबबेनकाब किया जायेगा  उक्त घटनाओं से चर्च के पादरी और उग्रवादीसंगठनों की संलिप्तता को नकार नहीं सकते मगर फिर भी लोकतंत्र बचानेवाले तथाकथित योद्धाओं के जुबान पर ताला क्यों लग गया।
                     इन सब के अलावे भी त्याग की मूर्ति कहे जाने वाली मदरटेरेसा की संस्था मिशनरी ऑफ़ चैरिटी के निर्मल ह्रदय होम पर भी काफीबड़ा आरोप लग चुका है जिसमे यह बताया गया की सैकड़ों नवजात बच्चोंको बेच दिया गया था  चर्चों द्वारा चलाये जा रहे सेवा कार्यों की आड़ मेंपुरे देश में हर जगह से कोई  कोई वारदात दर्ज की गयी मगर फिर भीसिर्फ एक समुदाय को खुश करने और रखने के लिए उन घटनाओं से नजरेंफेर ली गयीं। धर्मांतरण के अलावे अन्य आरोपों पर राजनितिक संरक्षण की वजह से इन सब विषयों को पहले भी दबाया गया और आज भी उन्हें हर स्तर से क्यों संरक्षण दिया जा रहा है, इस बात को अब आप समझ ही रहे होंगे 




रिपोर्ट: रितेश कश्यप

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