क्या सच में मोदी जी ने कुछ नहीं किया या हम समझ नहीं रहे। - Man Ki Baat अभिव्यक्ति की आजादी

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Friday, 23 September 2016

क्या सच में मोदी जी ने कुछ नहीं किया या हम समझ नहीं रहे।

कुछ लोगों का कहना है कि मोदी ने कुछ नहीं किया, मोदी से कुछ नहीं हो रहा ।  
मै उनसे पूछना चाहूंगा कि की सरकार में आने से पहले मोदी में क्या कहा क्या नहीं ,  इस बात पर तो बहोत लोग बहुत कुछ लिख रहे हैं और मोदी जी जब सरकार में आये और आने के बाद उन्होंने क्या-क्या किया यहाँ पर सबमें  चुप्पी छा जाती है।
मेरा कहना है कि मोदी से पहले 1947 से 2014 तक भी सरकार थी उन्होंने क्या किया।

कोई भी पेड़ जब लगाया जाता है तो उससे तुरंत ये उम्मीद नहीं की जाती कि वह कल से ही फल देने लगे, उसके लिए उसे सींचना पड़ता है, इंतजार करना पड़ता है और सही समय के बाद ही उस पेड़ में फल आता है।
जिस दिन हम पेड़ लगाते हैं उसी दिन अगर हम उससे फल की उम्मीद रखे हैं तो यह  निरर्थक और बेवकूफी होगी। 
आजादी के 67 साल तक जिस पेड़ को सही ढंग से सींचा ना गया हो, जिस कि सेवा अच्छे से ना की गई हो, उस पेड़ को अगर कोई व्यक्ति यह कोशिश कर रहा हो की उसमें जान डाल दी जाय, उसे संभाल लिया जाये जिसके लिए थोड़ा समय लगता है और हम क्या रहे हैं उसी व्यक्ति को हम निकम्मा और नाकारा साबित करने में लगे हुए हैं और साथ ही साथ कटाक्ष भी कर रहे हैं "क्या यहि हैं अच्छे दिन "

कई लोगों का कहना है की मोदी जी संप्रदायिक हैं,  पहली बात की मैं और पूरा देश उनकी बात से पूर्णतः असहमत हैं,  मगर साथ ही साथ मैं यह भी जानना चाहता हूँ उन  तथाकथित सेक्युलरवाद का ढोल पीटने वालों से की संप्रदायिक होना गलत है क्या ,  हमे अपने देश अपना धर्म अपनी जाति के बारे में बात करना गलत है क्या और गलत है तो क्यों गलत है?
और अगर सामने से कोई व्यक्ति किसी धर्म को लेकर हम पर प्रहार करें तो आपका दायित्व नहीं बनता कि आप अपने धर्म अपने देश की रक्षा करें।

कुछ लोगों का कहना है कि देश में 100% FDI मोदी ने लाया जबकि मोदी जी और बीजेपी विपक्ष में रह कर इसका विरोध कर रहे थे। 
अगर FDI 100% लाया गया तो इसमें क्या गलत है भाई,  माना कि यह कांग्रेस के द्वारा लाया गया योजना था, और हमलोग मानते हैं कांग्रेस में सही निर्णय  लिया था और मोदी ने भी इस बात को माना तभी तो उन्होंने भी यह निर्णय लिया। और यही होता भी है की जो योजना जिसकी सरकार में लागू न हुआ हो वो आगे आने वाले सरकार कुछ संशोधन करके अपने कार्य काल में ला सकती हैं जो मोदी सरकार ने भी किया।

कुछ लोग अलगाववादियों की बात करते हैं की बीजेपी जम्मू और कश्मीर में अलगाववादियों के मिल कर सरकार बनाया है हमारे विचार से  तक जो अलगाववादी भारत के खिलाफ बात करते थे उनके साथ बीजेपी ने मिलकर उनको  भारत की बात करना सिखा दिया,  इससे अच्छा परिणाम देशभक्ति का और क्या हो सकता है

कुछ लोगों का कहना है की मोदी जी कुछ खास बड़ी उद्द्योगपतियों को सहायता करती है जैसे अंबानी की कंपनी को मोदी सपोर्ट करता है तो उसका जवाब मेरे समझ से यह हो सकता है की अंबानी या ऐसे बड़े बड़े कंपनीयों की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था को बहुत मजबूती मिलती है और ऐसे उद्दद्योगों  को सहयता करने के लिए अगर मोदी ने कोई कदम उठाया है तो यह सराहनीय है। 

कुछ लोगो का कहना  की मोदी सरकार बड़े बड़े उद्दयोगों के कर्जे तो  माफ़ कर रही है मगर किसानों के ऊपर ध्यान नहीं दे रही जिसकी वजह से देश के किसान आत्महत्या को मजबूर हैं।
मैं इस बात पर आपलोगो का ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा की किसान अगर आत्महत्या कर रहे हैं तो यह इस सरकार से नहीं शुरू हुई ये कई वर्षो से हो रहा है , मगर मोदी सरकार ने पिछले साल के बजट में काफी संशोधन करते हुए किसानों के प्रति क्या किया है आपसे छुपा नहीं होगा , पिछले साल का सारा बजट पूरा का पूरा किसानों पर ही आधारित था ।
कुछ लोगों का कहना है मोदी जब सत्ता में नहीं थे तो उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ करवाई करने के लिए बहुत कुछ बोला मगर जो सत्ता में आये तो तुम मोदी चुप है उसका भी मैं जवाब देना चाहता हूं।
आपको क्या लगता है की मोदी ने पाकिस्तान के खिलाफ कुछ नहीं किया? ये आप देखना नहीं चाह रहे या दिखाई नहीं दे रहा है, या फिर अंजान बने रहने का मजा ही कुछ और होता है।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को आतंकवादी राष्ट्र घोषित करने का जो तरीका अपनाया है वो बहुत ही सराहनीय है , इसी स्थिति को देखते उसके साथ रसिया ने युद्ध प्रयास को भी बंद कर दिया है, चीन जो पाकिस्तान को हर प्रकार से सहायता देने की बात करता था उसने भी अपना हाथ खिंच लिया , बलूचिस्तान अलग होने की मांग कर रहा है, पीओके की हालत किसी से छुपी नहीं होगी, पाकिस्तान कश्मीर की बात कर रहा था, अब तो उसके खुद के ही इतने टुकड़े हो रहे हैं  कि वह चुन नहीं पा रहा है,
यह जरूरी नहीं की लड़ाई बंदूक और तलवारों से ही हो कूटनीति भी कोई चीज होती है।

कुछ लोगों का कहना है की  मोदी बेरोजगारों के लिए कुछ नहीं कर रही तो मैं उनसे कहना चाहूंगा। रोजगार के लिए सबसे पहले रोजगार देने वालो को खड़ा  करना होगा। 
और रही बात रोजगार की तो मोदी ने मेक इन इंडिया के माध्यम से कई देशों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कई कदम उठाया  है ,  कौशल विकास  कई योजनाए चालु की गई ताकि रोजगार के लिए लोग करने के लिए तैयार हो सके और साथ साथ स्वरोजगार के लिए कई तरह के योजना चलाए जा रहे है।

मेरा किसी से कोई पर्सनल रिवेंज लेने की कोशिश नहीं है बस थोड़ा सा वैचारिक मतभेद हो सकता  है शायद इसीलिए पक्ष और विपक्ष का होना जरूरी होता है

मेरे समझ से अच्छा रहेगा की हम उनके WEBSITE में जाकर अच्छे से उनके कार्य को जानने की कोशिश करें  http://www.narendramodi.in/

रितेश कश्यप 
संवाददाता
National political mirror
www.politicalmirror.com




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